रेत घड़ी का इतिहास और विज्ञान
रेत घड़ी मानव सभ्यता के सबसे पुराने और विश्वसनीय टाइमरों में से एक है। 14वीं शताब्दी में समुद्री जहाजों में इसका व्यापक उपयोग हुआ क्योंकि समुद्र की तेज लहरों के हिलने-डुलने से रेत के गिरने की गति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता था।
रेत के कण संकीर्ण छिद्र से एक समान और स्थिर गति से गिरते हैं, जिससे रेत घड़ी समय बीतने का एक सहज और शांत विजुअल अनुभव देती है।